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दिल्ली के रेलवे फाटक की सबसे बड़ी लापरवाही देखें।रेलवे की ऐसी लापरवाही देखकर हैरान रह जायेंगे
Mon, 14 May 2018
दिल्ली में रेलवे फाटक पर छोटी गाड़ियां क्रॉस करवाने के लिए रुकना पड़ा खुद ट्रेन को। बाद में बिना फाटक बंद किए इस ट्रेन को गाड़ियों की तरह निकाला गया घटना है आज 9 मई 2018 की दिन के 11:00 बजे जगह है दिल्ली के नांगलोई की हिंद विहार फाटक फाटक पर लोगों का जामुन पेड़ इतना कि रेलवे कर्मचारी कैसे लोगों के ऊपर बैरिया गिराता बारी अभी बंद नहीं हो पाए तो आखिरकार ट्रेन को रोकना पड़ा कर्मचारी ने रेड सिग्नल रेलवे ट्रैक के बीच में लगाकर ट्रेन को रुकवाया और बिना बैरियर बंद किए ही ट्रेन को धीरे-धीरे इन गाड़ियों के पास चेक करो उस करवाना पड़ा यह हालात है देश की राजधानी दिल्ली में रेलवे के हर बार देश के रेलवे बजट में बड़े बड़े दावे किए जाते हैं कि देश की रेलवे लाइनों को पाठकों से रहित किया जाएगा सभी फाटक का मानवरहित होंगी सभी फाटक जहां पर भी है वहां पर रेलवे ओवरब्रिज या अंडरपास बनाए जाएंगे यह सिलसिला लोग कई वर्षों में लगातार सुनते आ रहे हैं लेकिन आज भी हालत पहले से भी बदतर हो चुके हैं क्योंकि जनसंख्या काफी बड़ी साथ ही विकल्प भी कई गुना बड़े जिससे रेलवे फाटकों पर इतने ज्यादा जाम लगते हैं कि रेल ट्रेन को क्रॉस करवाना भी एक बड़ी मुसीबत हो जाती है फाटक होने के बावजूद भी फाटक पर तैनात कर्मचारी फाटक को बंद भी नहीं कर पाते और ट्रेन इनको रोकने तक की नौबत आ जाती है और दर्जनों खबरें साल में ऐसी सुनने को मिलती है जिसमें एक साथ कई लोगों की मौत ट्रेन से गाड़ी टकराने के कारण होती है ताजा घटना यूपी के स्कूल वैन का भी है जिसमें है 13 स्कूली बच्चों की मौत स्कूल वैन के ट्रेन के साथ टकराने से हो गई थी इस तरह के हादसों के बाद मैं तो सरकारों की नींद खुलती है नहीं लोग भी सबक लेने को तैयार है यह ताजा मामला देखिए यह जगह है दिल्ली के नांगलोई के पास हिंद विहार पाठक का या फाटक पर काफी भीड़ होती है हिंद विहार फाटक पर ट्रैफिक इतना ज्यादा था और ना ही कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौजूद रहता है आज यह पैसेंजर ट्रेन दिन के 11:00 बजे आई तो ट्रैफिक इतना ज्यादा था कि यहां तैनात कर्मचारी रेलवे की फाटक को बंद भी नहीं कर पाए बैरियर को गिरा भी नहीं पाई आखिरकार रेट्स सिग्नल रेलवे पटरी के बीच में लगाकर ट्रेन को रुकवाना पड़ा यहां ट्रेन रुकी हुई थी और दूसरे भी कल गुजर रही थी और इसके बाद बिना फाटक बंद किए हैं ट्रेन को एक छोटी गाड़ी की भांति इस पाठक सेट करो उस करवाना पड़ा यह हालात देश की राजधानी दिल्ली के हैं तो दूरदराज के क्या हालात हो गए इसका अंदाजा आप यहां से लगा सकते हैं इसमें गलती किसकी मानी जाए उस कर्मचारी की जो व्यवस्था नहीं कर पाया लेकिन अकेला ही कर्मचारी कैसे इतनी गाड़ियों को रोक पाता और कैसे वह किसी गाड़ी आज सेक्स के ऊपर बैरियर गिराता या उस ट्रेन ड्राइवर की जिसने ट्रेन को रोका यदि वह नहीं रोकता तो काफी बड़ा हादसा हो सकता था या गलत जो सरकार की मानी जाए जो नया ब्रिज बना पा रही है अंदर पास केवल बजट में हर साल सपने दिखाए जाते हैं फिलहाल जरूरत है जनता जनार्दन ही नेताओं से इस बात का जवाब मांगे